क्राइमछत्तीसगढ़

विधानसभा थाना क्षेत्र में अंग्रेजी शराब दुकान का सुपरवाइजर धराया, पर्दाफाश हुआ अवैध तस्करी का बड़ा रैकेट! – ADO से लेकर थाना प्रभारी तक पर उठे सवाल

ज़ोहेब खान…….रायपुर। राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम टीम ने बीती रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अंग्रेजी शराब दुकान के सुपरवाइजर ओम जोशी को 70 पौवा अवैध शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

 

राजधानी में डीजल माफिया बेखौफ! थाना प्रभारी की छत्रछाया में आधा किलोमीटर दूर चल रहा अवैध कारोबार?

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी ओमप्रकाश जोशी, जो सड्डू स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में सुपरवाइजर है, अपनी दोपहिया वाहन (CG04 QF 584) में अवैध शराब छुपाकर कोचियों के घरों तक पहुंचा रहा है। सूचना मिलते ही क्राइम टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रात करीब 11 बजे धर दबोचा।

 

सिर्फ मोहरा या मास्टरमाइंड? अब ADO प्रकाश देशमुख पर भी उठे सवाल

जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ओम जोशी न सिर्फ सरकारी दुकान से शराब निकाल रहा था, बल्कि वह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या यह काम अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव है?

 

अभकारी विभाग के ADO प्रकाश देशमुख पर संदेह की सुई घूम रही है, क्योंकि यही रेंज – सड्डू, मांढर समेत कई दुकानें – लगातार अवैध तस्करी में संलिप्त पाई गई हैं। सवाल यह भी है कि हर बार सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों होती है? क्या बड़े अधिकारियों की जेबें भी इस धंधे से भर रही हैं?

 

विधानसभा थाना प्रभारी पर भी सवाल, “मलाई मिठाई के बोझ” तले दबे हैं साहब?

कल ही क्राइम छत्तीसगढ़ की टीम ने एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट चलाई थी जिसमें विधानसभा थाना प्रभारी के संरक्षण में अवैध शराब तस्करी और डीजल चोरी का धंधा खुलेआम चलने की बात सामने आई थी। उसी रिपोर्ट के बाद प्रशासन जागा और कार्रवाई शुरू हुई।

 

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार थाना प्रभारी महोदय “मलाई-मिठाई” के दबाव में निष्क्रिय हैं – जिसके चलते न डीजल माफियाओं पर हाथ डाला जाता है, न शराब तस्करों पर, न ही PDS चावल की अवैध बिक्री पर।

 

मुंबई में फर्जी दस्तावेज गिरोह का भंडाफोड़, बांग्लादेशी प्रवासियों के लिए बनते थे जाली ID – पति-पत्नी गिरफ्तार

 

अब आगे क्या? खाना-पूर्ति या निष्पक्ष जांच?

इस कार्रवाई के बाद बड़ा सवाल यह है कि क्या अब ADO से लेकर थाना प्रभारी तक पर कार्रवाई होगी, या फिर कुछ दिन बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

जो भी हो, क्राइम छत्तीसगढ़ की खबर का असर अब दिखने लगा है। आने वाले दिनों में हम और भी खुलासे करते रहेंगे। सवाल यह है कि क्या सरकार और प्रशासन वाकई माफियाओं पर शिकंजा कसेगा या फिर वही पुराने ढर्रे पर चलते हुए मामले को रफादफा कर देगा?

आगे की अपडेट और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए जुड़े रहें – सिर्फ क्राइम छत्तीसगढ़ पर।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button