खेल

मेरा दिमाग शायद ज़रूरत से ज़्यादा तेज़ चल रहा था: फोबे लिचफील्ड

न्यू चंडीगढ़। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फोबे लिचफील्ड ने रविवार को भारत के खिलाफ पहले वनडे में शानदार पारी खेली। नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स को ‘द हंड्रेड’ महिला टी-20 टूर्नामेंट का खिताब जिताने के महज पखवाड़े भर बाद लिचफील्ड ने 88 रन (80 गेंद, 14 चौके) की दमदार पारी खेली। हालांकि शतक से वह 12 रन दूर रह गईं।

लिचफील्ड ने मैच के बाद कहा, “आज मैंने सबसे बड़ा सबक यही सीखा कि मेरा दिमाग शायद ज़रूरत से तेज़ चल रहा था। 50 ओवर का खेल लंबा होता है और इसमें समय लेकर पारी बनाने की ज़रूरत होती है। लेकिन हमें आक्रामक क्रिकेट भी खेलना है, इसलिए इस बीच संतुलन बनाना होगा।”

उन्होंने स्वीकार किया कि वानखेड़े (जनवरी 2024) में बने शतक के बाद भारत में यह उनका दूसरा शतक हो सकता था, लेकिन स्नेह राणा के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलते हुए वह चूक गईं।

मैच के बाद लिचफील्ड ने कहा, “मैंने खेल को आगे बढ़ाने की कोशिश की और शायद रिवर्स शॉट पर ज़्यादा ध्यान दे बैठी।”

इस दौरान उन्होंने कप्तान एलिस पेरी और बेथ मूनी के साथ बल्लेबाज़ी के अनुभव को भी साझा किया।

उन्होंने कहा, “उनके साथ खेलना बेहद आसान हो जाता है। कभी-कभी मेरा दिमाग तेज़ चलता है, लेकिन वे शांत और अनुभवी खिलाड़ी हैं। वे मुझे सही दिशा देती हैं और खुद भी शानदार बल्लेबाज़ी करती हैं।”

गर्म और उमस भरे हालात में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को संघर्ष करना पड़ा। एलिस पेरी को पिंडली में ऐंठन के कारण 38 गेंद खेलने के बाद रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा, जबकि एनाबेल सदरलैंड को भी बीच में आराम करना पड़ा।

लिचफील्ड ने कहा, “यहां की गर्मी और नमी चुनौतीपूर्ण है। हमने थोड़ी बहुत गर्मी के अनुकूलन की कोशिश की थी, लेकिन शरीर हमेशा साथ नहीं देता।”

बता दें कि मैच में भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 281 रन बनाए थे, जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 44.1 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और 8 विकेट से जीत दर्ज की।

ऑस्ट्रेलियाई टीम अब दो दिन के आराम के बाद 17 सितम्बर (बुधवार) को न्यू चंडीगढ़ में ही दूसरा वनडे खेलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button