
क्राइम छत्तीसगढ़ न्यूज़…….रायपुर। राजधानी रायपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हिस्ट्रीशीटर अपराधी मुकेश बनिया की कथित डायरी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने किया, जिन्होंने डायरी से जुड़ी जानकारी और चैट के स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किए। इसके बाद पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई।

वायरल डायरी में महीनेवार, तारीखवार और नामवार “प्रोटेक्शन मनी” देने का पूरा लेखा-जोखा दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि अवैध धंधों को चलाने और मामलों को दबाने के लिए पुलिस अधिकारियों, पत्रकारों और रसूखदार लोगों को रकम दी जाती थी।

सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि
क्या अपराधियों को संरक्षण देकर सिस्टम खुद अपराध का हिस्सा बन चुका है?
क्या खाकी अब कानून की नहीं, सौदेबाज़ी की पहचान बन गई है?
हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि डायरी और चैट की सत्यता की जांच की जा रही है, और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। लेकिन विपक्ष ने इस मामले को सरकार और पुलिस की बड़ी विफलता बताते हुए उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच की मांग कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह डायरी सिर्फ काग़ज़ है, या सिस्टम के काले सच का आईना?
जवाब अब जांच पर टिका है।
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