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स्टॉक मार्केट में प्राइम केबल की कमजोर एंट्री,आईपीओ निवेशक हुए निराश

नई दिल्ली । वायर और केबल बनाने वाली कंपनी प्राइम केबल इंडस्ट्रीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 83 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.40 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 81 रुपये के स्तर पर हुई। कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण थोड़ी ही देर में कंपनी के शेयर लुढ़क कर 76.95 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाकर लोअर सर्किट ब्रेक करने में सफलता जरूर हासिल कर ली, लेकिन इसकी कमजोरी लगातार बनी रही। सुबह 10:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 77.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 6.14 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है।

प्राइम केबल इंडस्ट्रीज का 40.01 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 से 24 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 8.28 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 9.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 9.38 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 6.89 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 35 करोड़ रुपये के 42 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 6 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने प्लांट के सिविल कंस्ट्रक्शन और मशीनरी की खरीद करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 12 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.79 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 7.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 71 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 141.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी पर कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 22.74 करोड़ रुपये, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में बढ़ कर 32.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज उछल कर 38.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो यह वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 4.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 6.47 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में उछल कर 7.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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