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स्टॉक मार्केट में ऑप्टिवैल्यू टेक की शानदार शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली। टेक कंसल्टिंग कंपनी ऑप्टिवैल्यू टेक कंसल्टिंग के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 84 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 23.33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 103.60 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से इस शेयर की चाल में और तेजी आ गई। सुबह 10:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 106.40 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 26.67 प्रतिशत का मुनाफा हो चुका है।

ऑप्टिवैल्यू टेक कंसल्टिंग का 126 करोड़ रुपये का आईपीओ 2 से 4 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 64.45 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 49.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 118.82 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 49.64 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 61,69,600 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए प्रोडक्ट को डेवलप करने, बेंगलुर में शाखा कार्यालय खोलने, मौजूदा हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.77 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.49 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 12.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 39.27 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 36.73 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी के राजस्व में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई और ये 56.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी पर कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 7.06 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में कम होकर 1.80 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज एक बार फिर बढ़ कर 5.53 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 12.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 17.65 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में फिसल कर 14.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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