ज़ोहेब खान…….रायपुर। एआई समिट के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने पर Indian National Youth Congress के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा और अस्वीकार्य प्रहार है। यह कार्रवाई न केवल असहमति की आवाज़ को दबाने का प्रयास है, बल्कि देश को एक बार फिर दमनकारी दौर की ओर ले जाने की मानसिकता को दर्शाती है।
जिस प्रकार अंग्रेजों के शासनकाल में सच बोलने वालों को झूठे मुकदमों में फँसाकर जेल भेजा जाता था, आज उसी सोच के तहत सवाल उठाने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज़ाद भारत में भी नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसे Constitution of India स्पष्ट रूप से सुनिश्चित करता है। इस अधिकार का हनन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
युवा कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव फहीम शेख ने स्पष्ट कहा है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है। यदि सरकार ने दमन की राजनीति बंद नहीं की और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जारी रखा, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।
Chhattisgarh Pradesh Youth Congress इस गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
Back to top button