छत्तीसगढ़

महादेव बेटिंग केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सौरभ चंद्राकर समेत सभी 12 आरोपियों को मिली जमानत

रायपुर। देशभर में चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को जमानत दे दी है। सभी आरोपी पिछले ढाई साल से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इस एप को लेकर ईडी अब भी जांच कर रही है। इस ऐप पर क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन जैसे स्पोर्ट्स गेम में ऑनलाइन सट्टा लगाने की सुविधा यूजर्स को दी जाती थी।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग घोटाला देश के सबसे बड़े डिजिटल सट्टा घोटालों में से एक माना जाता है। इस घोटाले में कई राज्यों में छापेमारी की जा चुकी है और करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 12 आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अब इस मामले की जांच के अगले चरण पर सभी की निगाहें टिकी हैं। जमानत पाने वालों में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, रितेश यादव, भारत ज्योति, विश्वजीत राय, राहुल वकटे, नीतीश दीवान, निलंबित कॉन्स्टेबल भीम सिंह यादव, अर्जुन यादव, निलंबित ASI चंद्रभूषण वर्मा और सतीश चंद्राकर समेत सभी 12 आरोपी शामिल हैं।

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यह ऐप 2019 में छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर द्वारा शुरू किया गया था। ईडी की जांच में सामने आया कि ऐप के 12 लाख से अधिक यूजर्स थे। इनमें बड़ी संख्या छत्तीसगढ़ के निवासी थे। इस ऐप का संचालन बड़े स्तर पर किया जा रहा था और देशभर में इसके करीब 30 कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे। यहां से यूजर्स को सट्टेबाजी के लिए प्रेरित किया जाता था। क्रिकेट मैचों से लेकर चुनाव परिणामों तक हर चीज पर सट्टा लगाया जाता था।

सौरभ चंद्राकर, जो इस ऐप का मुख्य संचालक माना जाता है, भिलाई का रहने वाला है। बताया जाता है कि साल 2018 तक वह जूस सेंटर चलाता था। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। 2019 में सौरभ दुबई चला गया और वहीं से अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिलकर महादेव ऐप की शुरुआत की। कुछ ही महीनों में यह ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी की दुनिया में छा गया और देखते ही देखते करोड़ों का कारोबार करने लगा। दुबई पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर ने शानो-शौकत भरी जिंदगी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। दुबई में उसके पास आलिशान बंगला, महंगी गाड़ियां और लग्जरी लाइफस्टाइल थी। कुछ समय पहले उसकी शादी की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे।

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महादेव ऐप केस ने बॉलीवुड जगत से भी संबंधों की परतें खोली हैं। इस मामले में ईडी ने रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर सहित कई नामी कलाकारों से पूछताछ की थी। उन्हें इस ऐप से मिले भुगतान के स्रोत और उससे जुड़े कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाया गया था। फरवरी में दुबई में सौरभ चंद्राकर की शादी के दौरान परफॉर्म करने वाले कपिल शर्मा, हुमा कुरैशी और हिना खान को भी ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था।

ईडी के अनुसार, उस शादी में परफॉर्म करने के लिए 17 बॉलीवुड सेलेब्रिटीज को चार्टर्ड विमान से दुबई ले जाया गया था। वहां, उन्हें हवाला के जरिए करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। यह रकम कथित रूप से महादेव सट्टा नेटवर्क से प्राप्त की गई थी। ईडी का कहना है कि महादेव एप नेटवर्क का संचालन अभी भी विदेश से किया जा रहा है और इसके मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में रह रहे हैं। एजेंसी उन्हें भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पर काम कर रही है।

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