नरेंद्र बंजारे……. रायपुर। बलौदाबाजार जिले की रिसदा रोड स्थित सरकारी शराब दुकान एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। स्थानीय सूत्रों और लगाए गए आरोपों के अनुसार, सरकारी शराब दुकान से कथित तौर पर खुलेआम अवैध रूप से कोचियों को पेटियों के हिसाब से शराब उपलब्ध कराई जा रही है।
आरोप है कि दुकान के सुपरवाइजर रवि बंधे की निगरानी में यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि दुकान से बड़ी मात्रा में शराब बाहर भेजी जाती है और इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
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सूत्रों के अनुसार, यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि कई महीनों से कथित तौर पर इसी तरह का कारोबार जारी है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ स्थानीय बीजेपी नेताओं के साथ सुपरवाइजर रवि बंधे के करीबी संबंध हैं और इसी कारण संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सरकारी शराब दुकानों का संचालन शासन के नियमों के अनुसार हो रहा है, या फिर उन पर राजनीतिक हस्तक्षेप हावी है? क्या आबकारी विभाग को इन कथित गतिविधियों की जानकारी है? यदि है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इन आरोपों को लेकर आबकारी विभाग के अधिकारियों, जिनमें संबंधित एडीओ का नाम भी चर्चा में है, से प्रतिक्रिया लिया जाना बाकी है। उनका पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल अवैध शराब बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी व्यवस्था, निगरानी तंत्र और राजनीतिक संरक्षण जैसे गंभीर सवालों को भी जन्म देगा।
क्राइम छत्तीसगढ़ का दावा है कि इस मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित व्यक्तियों के बारे में वह आगे भी जानकारी सामने लाएगा।
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