ज़ोहेब खान………रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस को “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय दो साइबर ठगों को पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फिक्स डिपॉजिट और ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा के निर्देशन पर रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने यह कार्रवाई की। आईजी ने सभी साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष बल देने के निर्देश दिए थे।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में जोरदार धमाका, 8 की मौत, कई घायल — दिल्ली-मुंबई में हाई अलर्ट
पहला मामला – SBI बैंक मैनेजर से ₹17.82 लाख की ठगी
प्रार्थी आशुतोष कुमार, मैनेजर, भारतीय स्टेट बैंक, शाखा रामसागरपारा रायपुर को बड़ी राशि फिक्स डिपॉजिट कराने के बहाने एक शातिर गिरोह ने झांसा दिया। धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद उन्होंने थाना आजाद चौक में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 231/25 धारा 318(4) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर तकनीकी जांच की। जांच में मुख्य आरोपी सरफराज अंसारी (20 वर्ष), निवासी कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का नाम सामने आया, जो घटना के बाद पुणे, महाराष्ट्र भाग गया था। साइबर टीम ने पुणे में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी से कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जबकि ठगी की पूरी राशि ₹17.82 लाख पीड़ित को वापस कराई गई है — यह पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दूसरा मामला – ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ₹16 लाख की ठगी
दूसरा प्रकरण थाना मंदिरहसौद का है, जहाँ प्रार्थी देवेश साहू को ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर ठगा गया। अपराध क्रमांक 34/24 धारा 420, 34 भा.द.वि. के तहत दर्ज इस केस में आरोपी मयूर जोशी (29 वर्ष), निवासी उल्हासनगर, महाराष्ट्र को मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने टेलीग्राम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पीड़ित को “गूगल रिव्यू टास्क” पूरा करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में रकम दी गई, पर बाद में लाखों रुपये लेकर रकम लौटाई नहीं गई।
गिरफ्तार आरोपी
सरफराज अंसारी, पिता फतेह आलम अंसारी, उम्र 20 वर्ष, निवासी बभनौली कुशीनगर, उत्तर प्रदेश
मयूर जोशी, पिता जगदीश जोशी, उम्र 29 वर्ष, निवासी राधा कमीशन अपार्टमेंट, उल्हासनगर, महाराष्ट्र
दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।