छत्तीसगढ़

आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायतों में हुई ऐतिहासिक पहल-ग्रामीणों की आकांक्षाओं से तय होगा विकास का रोडमैप

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना आदि कर्मयोगी अभियान के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर रायगढ़ जिले के सभी 315 आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रायगढ़ कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित इन ग्राम सभाओं के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत ने अपनी ग्राम कार्ययोजना एवं ग्राम विजन 2030 को पारित किया। यह विजन दस्तावेज आने वाले वर्षों के लिए ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास का खाका प्रस्तुत करेगा।

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि सभी ग्राम सभाओं द्वारा पारित ग्राम कार्ययोजनाओं को संकलित कर जिला स्तर पर समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके उपरांत यह योजना 12 अक्टूबर 2025 तक राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत चयनित ग्रामों में आदि सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिन्हें एकल खिड़की प्रणाली के तहत संचालित किया जाएगा। इन केंद्रों से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रशासनिक सेवाएं जनजातीय अंचलों के अंतिम छोर तक पहुंच सकें। बता दें कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान‘ का शुभारंभ 10 जुलाई 2025 को किया गया था। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में शासन की सेवाओं, योजनाओं और ढांचागत सुविधाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जिले में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया है, जो ग्राम स्तर पर विकास कार्यों के समन्वय में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही, 20 आदिवासी युवाओं का कैडर भी तैयार किया गया है, जो ग्राम कार्ययोजना निर्माण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकास के लिए ठोस दिशा प्रदान कर रहे हैं।

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